श्री अद्वैत राघव श्रीनाथाय नमः

जानकीशरणम् मंगलाचरण

नमः परमहंसास्वादितचरणकमलचिन्मकरन्दाय।
भक्तजनमानसनिवासाय श्रीरामचन्द्राय॥

एक जीवंत समुदाय

एक ऐसा स्थान, जहाँ लौटा जा सके।

जहाँ मन ठहर जाता है।

श्री जानकी जी के प्रति पूर्णतः समर्पित समुदाय - यही जानकीशरणम् नाम का अर्थ है। हमारा कार्य भक्ति का अमृत और श्री जानकी जी के चरित्र से उपजी शिक्षा को बाँटना है, जिससे हर व्यक्ति सियाजू से अपना सम्बन्ध अनुभव करे।

Shree Ram

अगला सत्संग

Monthly Annadaan Tuesday, 29 SEPT · 10:00 am – 2:00 pm

विवरण

हम कौन हैं

कोई संस्था नहीं - एक सत्संग। जानकीशरणम्

जानकीशरणम् का अर्थ है श्री जानकी जी की शरण, और इस समुदाय का प्रयोजन इतना ही है - श्री सीताराम जी की भक्ति का अमृत और श्री जानकी जी के चरित्र की शिक्षा तब तक बाँटते रहना, जब तक समाज स्वयं वह सम्बन्ध अनुभव न कर ले।

व्यवहार में यह वे लोग हैं जो निरंतर आते रहते हैं - गाने के लिए, साथ पढ़ने के लिए, सैकड़ों के लिए भोजन बनाने के लिए। कोई सदस्यता नहीं, कोई शर्त नहीं। इसे जोड़े रखने वाली बात व्यवस्था नहीं, लय है, और सदा एक और के लिए स्थान है। यदि आप कहीं से आरंभ करना चाहते हैं, तो आ जाइए।

हमारी कथा पढ़ें

स्मरण स्मरण

Singing and sitting together, week after week. The practice is simple and it is meant to be repeated.

स्वाध्याय स्वाध्याय

Reading the texts slowly and in company, with room for the questions people actually have.

सेवा सेवा

Cooking, teaching, carrying, cleaning. Whatever the day in front of us asks for.

मूल शिक्षाएँ

यह परम्परा वस्तुतः क्या सिखाती है

ये जगद्गुरु श्री रामानन्दाचार्य जी की शिक्षाएँ हैं - वही आचार्य, जिनकी परम्परा में जानकीशरणम् खड़ा है। हर शिक्षा वैसी ही रखी गई है जैसी जानकीशरणम् को प्राप्त हुई - एक सीधा कथन, और वह दोहा जिससे वह स्मरण की जाती है। जिन गुरुओं के माध्यम से यह हम तक पहुँची, उनकी नामावली गुरु परम्परा पृष्ठ पर दी गई है।

  • राम नाम सर्वोपरि

    श्रीराम का नाम सबसे ऊपर है।

  • आत्मा की कोई जाति नहीं होती; साधना का फल प्रेम और शरणागति में है।

  • भगवान हर प्राणी में विराजते हैं - दूसरों की सेवा उन्हीं की सेवा है।

  • गुरु और शिष्य प्रेम से बँधे हैं, पद या क्रम से नहीं।

  1. सर्वोपरि राम नाम

    श्रीराम का नाम परमात्मा का सबसे सरल रूप है, और वही रूप है जिससे किसी को रोका नहीं जा सकता। न संस्कृत चाहिए, न पुरोहित, न किसी की अनुमति - केवल वह मुख चाहिए जो नाम ले।

    राम नाम सर्वोपरि, तजि सब आश्रय करिए

  2. भक्ति ही सार है

    भक्ति को सच्चा कर्मकाण्ड की शुद्धता नहीं बनाती, और जपने वाले की जाति तो कभी नहीं। जो नाम जपता है, वह वहाँ पहुँच चुका है जहाँ विधि-विधान केवल संकेत करते हैं।

    जाति-पाँति पूछे नहीं कोई, हरि को भजे सो हरि का होई

  3. सबमें एक ही राम

    सब आत्माएँ परमात्मा की दृष्टि में समान हैं। श्री रामानन्दाचार्य ने लोकभाषा में, खुले में, जो भी आया उसे उपदेश दिया - और जो आए, वही इसका प्रमाण हैं।

    कोउ हरिजन, कोउ तुरक कहावे, सब में एक राम बसि जावे

  4. गुरु ही द्वार हैं

    गुरु ज्ञान थमाते नहीं। गुरु वह दीपक जलाते हैं जिसके प्रकाश में साधक स्वयं देख पाता है। उस प्रकाश के बिना जो पढ़ा जाए, वह केवल सूचना रह जाता है।

    गुरु बिनु होइ न ज्ञान

  5. नाता प्रेम का, ऊँच-नीच का नहीं

    गुरु और शिष्य को प्रेम बाँधता है, ऊँच-नीच नहीं। आत्मा की कोई जाति नहीं होती, और आध्यात्मिक मूल्य प्रेम और समर्पण से आँका जाता है। जब परमात्मा हर प्राणी में बसते हैं, तो किसी की सेवा पूजा की तैयारी नहीं - वही पूजा है।

और एक, अपने आप में

जाके प्रिय न राम वैदेही, सो नर तजिए कोटि बैरी सम जेही

जिसे श्रीराम और श्री जानकी प्रिय नहीं, वह कोटि शत्रुओं से भी अधिक भयावह है।

उनके शिष्य

शिक्षा उन्हीं के द्वारा फैली

श्री रामानन्दाचार्य जी की शिक्षा ने भारत के कुछ महानतम सन्तों का जीवन गढ़ा। उनके कार्य देखिए और शिक्षा स्वयं स्पष्ट हो जाती है - एक जुलाहा, एक चर्मकार, एक नाई, एक किसान और एक राजा, उस युग में साथ बैठे जब ऐसा नहीं होता था। उन्होंने एकता, भक्ति और मुक्ति का यह सन्देश उपमहाद्वीप के कोने-कोने तक पहुँचाया, और समाज को भीतर से बदल दिया।

  • कबीर

    काशी के जुलाहे, जिनके दोहे आज भी उन परम्पराओं में गाए जाते हैं जो और किसी बात पर सहमत नहीं।

  • रविदास

    काशी के चर्मकार, और भक्ति आन्दोलन के महान कवियों में से एक।

  • पीपा

    परम्परा उन्हें ऐसे राजा के रूप में स्मरण करती है जिन्होंने भक्ति के मार्ग के लिए राजपाट छोड़ा।

  • सेन

    पेशे से नाई, और उसी आन्दोलन के सन्त-कवि।

  • धन्ना भगत

    एक किसान, जिनकी भक्ति को किसी विद्या के समर्थन की आवश्यकता नहीं थी।

परम्परा और भी नाम लेती है - सूची की पुष्टि शेष है - शिष्यों की पूरी सूची not yet provided

यह क्यों रखा गया है

यह इसलिए रखा गया है कि जानकीशरणम् को प्राप्त शिक्षाएँ, परम्परा और यह जीवित धारा हर खोजने वाले की पहुँच में रहे। आप वर्षों से इस साधना में हों, अध्ययन के लिए आए हों, या यूँ ही यहाँ तक पहुँचे हों - पढ़िए, ठहरिए, और जो काम का लगे वह ले जाइए।

आगे क्या

आगामी सत्संग

यहाँ जो होता है, वह प्रायः दोहराया जाता है। एक बार आइए, और अगली बार का समय आपको स्वयं ज्ञात हो जाएगा।

सभी आयोजन
Seva Last Saturday of every month

Monthly Annadaan

मासिक अन्नदान

Cooking and serving a shared meal. Volunteers are welcome from the morning preparation onwards.

When
29 September 2026 · 10:00 am – 2:00 pm
Where
Hanuman Mandir, Jabalpur
Satsang Every Saturday

Jankisarnam Ram Nam Sankirtan

जानकीशरणम राम नाम संकीर्तन

🌸 संकीर्तन शास्त्र चर्चा सत्र 🌸 🙏 इस बार बताया जाएगा - “विजय मंत्र के महत्व की व्याख्या” 🙏 आइए, श्रीराम नाम के संकीर्तन की दिव्य शक्ति, उसके आध्यात्मिक महत्व और जीवन में उसके अद्भुत प्रभाव को समझें। इस विशेष संकीर्तन शास्त्र चर्चा सत्र में राम नाम के श्रवण, कीर्तन और स्मरण से मन एवं हृदय को मिलने वाली शांति और आनंद पर चर्चा की जाएगी। 🗓️ 12 सितम्बर 2026 (शनिवार) 🕔 समय: 4:00 PM – 7:30 PM 📍 स्थान: श्री प्राचीन हनुमान मंदिर अधारताल, जबलपुर “हरिनाम में ही आनंद है, कीर्तन से हृदय निर्मल होता है।” 🙏 श्रवण • कीर्तन • चिंतन • सेवा 🙏

When
3 October 2026
Where
Shree Prachin Hanuman Mandir Adhartal, Jabalpur, Jabalpur
Satsang Every Saturday

Weekly Satsang

साप्ताहिक सत्संग

An afternoon of collective singing, silence and reading. Open to everyone; no registration, no prior study required.

When
3 October 2026 · From 5:00 PM
Where
Shree Hanuman Mandir, Agha Chowk, Jabalpur
Retreat

Weekend of Silence

मौन साधना

Two days held mostly in silence, with guided sitting, simple meals and rest. Limited to a small group.

When
10 – 11 October 2026 · Residential
Where
Venue to be announced

सेवा

वह साधना जो कक्ष से बाहर जाती है। सेवा ही साधना है

बैठना आधा है। शेष आधा उन दिनों में होता है जो बीच में पड़ते हैं - भोजन, कक्षाएँ, और वह छोटी सहायता जिसे कोई नहीं देखता।

  • The shared meal

    Cooking and serving together, so that no one who comes to the courtyard leaves hungry.

  • Teaching and tuition

    Evening classes for children from the neighbourhood, run by volunteers from the community.

  • Care in difficulty

    Quiet, practical help for families going through illness, loss or hardship.

अधिकारम्

जो हम जानते हैं, वह बाँट देना अधिकारम्

समुदाय के सदस्य, जो अपने-अपने व्यवसाय में कार्यरत हैं, महाविद्यालयों में जाकर उसी क्षेत्र में प्रवेश करने वाले विद्यार्थियों से बात करते हैं - और अपनी साधना साथ लेकर जाते हैं।

An engineer talks to engineering students about the work they are about to walk into - honestly, including the parts nobody warns them about. Then about how to hold a career without disappearing into it.
That second half is what makes it Adhikaram.

उनके शब्दों में

लोग बार-बार क्यों आते हैं

I came for one evening because a neighbour asked me to. I have not really stopped coming since.

Placeholder name Attends weekly satsang

What surprised me was how ordinary it felt. Nobody asked me anything. There was simply a place to sit.

Placeholder name Volunteer, monthly annadaan

My children learned the shlokas here before they learned them at home. That is not a small thing.

मेरे बच्चों ने यहाँ आकर वह सीखा जो मैं उन्हें घर पर नहीं सिखा पाया।

Placeholder name Parent, children's circle

मैं यहाँ सिर्फ़ जानकारी लेने नहीं आया - मैं इस समुदाय का हिस्सा बनना चाहता हूँ।

यदि यह वाक्य आपके लिए सत्य है, तो पंजीकरण की कोई आवश्यकता नहीं। किसी शनिवार दोपहर आ जाइए, या पहले हमें लिख भेजिए।

सहयोग

यह कार्य पूर्णतः उन लोगों के सहयोग से चलता है जो इसमें सम्मिलित हैं।

किसी भी कार्यक्रम में सम्मिलित होने का कोई शुल्क नहीं है, और कभी नहीं होगा। जो दिया जाता है, वह स्वेच्छा से दिया जाता है, और उन्हीं कक्षों में लौट जाता है जहाँ से आया।

यह कहाँ जाता है

  • The kitchen, and the monthly meal it cooks
  • Keeping the hall, courtyard and instruments in repair
  • Recording and freely publishing every talk
  • Books and materials for the children’s circle

पारदर्शिता

पंजीकृत नाम
To be confirmed - registered trust name not yet provided
पंजीकरण संख्या
To be confirmed - registration number not yet provided
कर छूट
To be confirmed - 80G certificate details not yet provided

लेखा-विवरण प्रत्येक वर्ष समुदाय के साथ साझा किया जाता है। ऊपर दी गई कोई भी जानकारी ट्रस्ट के अभिलेखों से सत्यापित होने तक प्रकाशित नहीं की जाती।

पधारें

आइए, साथ बैठिए आइए, कभी आ जाइए

पहले से कुछ आवश्यक नहीं। यदि यह जानना सहायक हो कि क्या अपेक्षा करें, तो हमें लिखिए - कोई अवश्य उत्तर देगा।

पता
176 Vaikunth Dham Shreeramnagar Gullaua Chowk, Garha
समय
WHOLE DAY
संपर्क
8319277091 Jankisharnam@gmail.com