संकीर्तन

47. राधाष्टमी संकीर्तन सत्र 2026 राधाकृष्ण मंदिर जबलपुर

Radhashtmi sankirtan satra 2026 radha krishna mandir

अक्षर का आकार

राधाष्टमी भव्य कीर्तन सत्र

जय जय राम कृष्ण हरी
सीताराम हनुमान सीताराम हनुमान
सीताराम हनुमान सीताराम हनुमान
जय जय सियाराम जय जय सियाराम
जय जय सियाराम जय जय सियाराम

करूँणा निधान रउँवा जगत के दाता हई
स्थाई:
करूँणा निधान रउँवा जगत के दाता हई,
करूँणा निधान रउँवा जगत के दाता होई।
श्री भगवान रउँवा जगत के दाता हई,
श्री भगवान रउँवा जगत के दाता होई।

ग्राह के मार देनी, ग्राह के मार देनी,
गज के उबार लीहनी, गज के उबार लीहनी।
ग्राह के मार देनी, ग्राह के मार देनी,
गज के उबार लीहनी, गज के उबार लीहनी।
जाने जहान रउँवा जगत के दाता हई,
जाने जहान रउँवा जगत के दाता हई।
करूँणा निधान रउँवा जगत के दाता हई...

मनैं तेरे ही भरोसे हनुमान, सागर में नैया डार दई॥

मनैं तेरे ही भरोसे हनुमान, सागर में नैया डार दई॥
मनैं तेरे ही भरोसे हनुमान, सागर में नैया डार दई॥

काहे की वा नाव बनाई, काहे की पतवार?
रामा, काहे की लगा दई जंजीर? सागर में नैया डार दई॥
मनैं तेरे ही भरोसे हनुमान, सागर में नैया डार दई॥

अरे राम-नाम की नाव बनाई, भक्ति की पतवार।
रामा, ज्ञान की लगा दई जंजीर, सागर में नैया डार दई॥
मनैं तेरे ही भरोसे हनुमान, सागर में नैया डार दई॥

अरे कौन सखी वामें बैठनहारी, कौन पार लगावै?
रामा, कौन है खेवनहार? सागर में नैया डार दई॥
मनैं तेरे ही भरोसे हनुमान, सागर में नैया डार दई॥

सीता सखी वामें बैठनहारी, राम पार लगावै।
रामा, हनुमत खेवनहार, सागर में नैया डार दई॥
हो मनैं तेरे ही भरोसे हनुमान, सागर में नैया डार दई॥

ओ मोरे संकट के कटैया हनुमान, हमारे संकट काटो प्रभु।
ओ मोरे संकट के कटैया हनुमान, हमारे संकट काटो प्रभु॥

अरे अंजनी पुत्र केसरी नंदन, तुम जग जग के काटत बंधन,
तुमरे हृदय बसे रघुनंदन।
हाँ, अंजनी पुत्र केसरी नंदन, तुम जग जग के काटत बंधन,
तुमरे हृदय बसे रघुनंदन।
कि तुमरे हृदय में... हाँ तुमरे हृदय में,
बैठे सीताराम, हमारे संकट काटो प्रभु॥
हो मोरे संकट के कटैया हनुमान, हमारे संकट काटो प्रभु॥

अरे तुमको जानत है जग सारो, संकट मोचन नाम तुम्हारो,
आके संकट हरो हमारो।
हाँ तुमको जानत है जग सारो, संकट मोचन नाम तुम्हारो,
आके संकट हरो हमारो।
कि तुमको संकट मोचन... हाँ तुमको संकट मोचन,
मानत है भगवान, हमारे संकट काटो प्रभु॥
हो मोरे संकट के कटैया हनुमान, हमारे संकट काटो प्रभु॥

अरे बड़े-बड़े दानव सब मारे, रामचंद्र के काज सवारे,
आके संकट हरो हमारे।
हाँ बड़े-बड़े दानव सब मारे, रामचंद्र के काज सवारे,
आके संकट हरो हमारे।
ए लक्षण जी के... अरे हाँ लक्षण जी के,
बचाय तुमने प्राण, हमारे संकट काटो प्रभु॥

छंद
गुरहि प्रनामु मनहिं मन कीन्हा। अति लाघवँ उठाइ धनु लीन्हा॥
दमकेउ दामिनि जिमि जब लयऊ। पुनि नभ धनु मंडल जिमि भयऊ॥

लेत चढ़ावत खैंचत गाढ़ें। काहुं न लखा देख सबु ठाढ़ें॥
तेहि छन राम मध्य धनु तोरा। भरे भुवन धुनि घोर कठोरा॥

भे भुवन घोर कठोर रव रबि बाजि तजि मारगु चले।
चिक्करहिं दिग्गज डोल महि अहि कोल कूरुम कलमले॥
सुर असुर मुनि कर कान दीन्हें सकल बिकल बिचारहीं।
कोदंड खंडेउ राम तुलसी जयति बचन उचारहीं॥

प्रेम नगर मत जा मुसाफिर
प्रेम नगर मत जा मुसाफिर
कोरस:
प्रेम नगर मत जा मुसाफिर, प्रेम नगर मत जा
आ... प्रेम नगर मत जा मुसाफिर, प्रेम नगर मत जा
अंतरा 1:
प्रेम नगर की सकरी है गलियां, प्रेम नगर की सकरी है गलियां
ओ... प्रेम नगर की सकरी है गलियां, प्रेम नगर की सकरी गलियां
ता में दो ना समाए मुसाफिर, प्रेम नगर मत जा
ता में दो ना समाए मुसाफिर, प्रेम नगर मत जा
अंतरा 2:
प्रेम नगर की गहरी है नदियां, प्रेम नगर की गहरी है नदियां
ओ... प्रेम नगर की गहरी है नदियां, प्रेम नगर की गहरी है नदियां
लाखों लोग डूबे मुसाफिर, प्रेम नगर मत जा
लाखों लोग डूबे मुसाफिर, प्रेम नगर मत जा
अंतरा 3:
प्रेम नगर का पंथ कठिन है, प्रेम नगर का पंथ कठिन है
हो... प्रेम नगर का पंथ कठिन है, प्रेम नगर का पंथ कठिन है ता में ना चल पाए मुसाफिर, प्रेम नगर मत जा
अंतरा 4:
प्रेम नगर की सुंदर हैं परिया, प्रेम नगर की सुंदर परिया
ओ... प्रेम नगर की सुंदर हैं परिया, प्रेम नगर की सुंदर परिया
लाखों लोग लुभाए मुसाफिर, प्रेम नगर मत जा
लाखों लोग लुभाए मुसाफिर, प्रेम नगर मत जा
समापन:
प्रेम नगर मत जा मुसाफिर, प्रेम नगर मत जा
प्रेम नगर मत जा

राधे राधे करुणामई कृष्ण पियारी
राधे राधे करुणामई कृष्ण पियारी
मेरी सुध लीजो श्री वृषभानु दुलारी

हे मनोहरिणी रासेश्वरी रसरूपा
ब्रजविलासिनी ब्रजभामिनी ब्रज की भूपा
ललिता आदिक सहचरी सर्वाज्ञा स्वरुपा
निज प्रणत वत्सला स्वामिनी परम अनूपा
ब्रज गोप वंश मणी ब्रज बरसाने वाऱी
मेरी सुध लीजो श्री वृषभानु दुलारी

स्वागतम राधा स्वागतम राधा

स्वागतम राधा स्वागतम राधा
स्वागतम सुस्वागतम शरणागतम राधा
स्वागतम राधा स्वागतम राधा

संतों का धन राधा मुनियों का धन राधा
करुणामई राधा किरपामई राधा
स्वागतम राधा स्वागतम राधा
स्वागतम सुस्वागतम शरणागतम राधा

प्रानेश्वरी राधा ज्ञानेश्वरी राधा
आनंद कंद राधा परमानन्द राधा
स्वागतम राधा स्वागतम राधा
स्वागतम सुस्वागतम शरणागतम राधा

राधा श्री राधा राधा श्री राधा
श्यामा श्री श्यामा श्यामा श्री श्यामा
स्वागतम राधा स्वागतम राधा
स्वागतम सुस्वागतम शरणागतम राधा

लाडली राधा किशोरी राधा
लाडली राधा किशोरी राधा
वृषभानु दुलारी राधा राधा राधा राधा राधा
कीरत की प्यारी राधा राधा राधा राधा राधा
करुणामई प्यारी राधा राधा राधा राधा राधा
हरिवंश दुलारी राधा राधा राधा राधा राधा
लाडली राधा किशोरी राधा

हरिदास दुलारी राधा राधा राधा राधा राधा
बड़ी भोली भाली राधा राधा राधा राधा राधा
संतन की प्यारी राधा राधा राधा राधा राधा
हमारी प्यारी राधा राधा राधा राधा राधा
लाडली राधा किशोरी राधा

स्वामिनी राधा राधा राधा राधा राधा
किशोरी प्यारी राधा राधा राधा राधा राधा
करुणामई प्यारी राधा राधा राधा राधा राधा
लाडली राधा किशोरी राधा

जय राधे जय राधे राधे राधे राधे श्री राधे

जय राधे जय राधे राधे राधे राधे श्री राधे
जय श्यामा जय श्यामा श्यामा श्यामा श्री श्यामा
जय राधे जय राधे राधे राधे राधे श्री राधे
जय श्यामा जय श्यामा श्यामा श्यामा श्री श्यामा
जय राधे जय राधे राधे राधे श्री राधे

जय राधे जय राधे जय श्री कृष्ण बोलो जय राधे

जय राधे जय राधे जय श्री कृष्ण बोलो जय राधे
जय राधे जय राधे जय श्री कृष्ण बोलो जय राधे
जय श्यामा जय श्यामा जय श्री कृष्ण बोलो जय श्यामा
जय श्यामा जय श्यामा जय श्री कृष्ण बोलो जय श्यामा

लाडली अद्भुत नज़ारा तेरे बरसाने में है
लाडली अद्भुत नज़ारा तेरे बरसाने में है
बेसहारों को सहारा तेरे बरसाने में है
लाडली अद्भुत नज़ारा तेरे बरसाने में है

अब कहाँ जाऊं किशोरी तेरे दर को छोड़ कर
अब कहाँ जाऊं किशोरी तेरे दर को छोड़ कर
हर घड़ी यशोमती दुलारा तेरे बरसाने में हैँ
हर घड़ी यशोमती दुलारा तेरे बरसाने में हैँ
लाडली अद्भुत नज़ारा तेरे बरसाने में है

मेरी करुणामई. सरकार मिलादो ठाकुर
मेरी करुणामई सरकार मिलादो ठाकुर से एक बार
कृपा करो भानुढुलारी
श्री राधे बरसाने वाऱी

तीन लोक के ठाकुर प्यारे
तेरे लिए ब्रज धाम पधारे
हे कृष्ण लीला की सार
मिलादो ठाकुर से एक बार
कृपा करो भानुढुलारी
श्री राधे बरसाने वाऱी
मेरी करुणामई सरकार मिलादो ठाकुर से एक बार. ..

तू ही मोहन तू ही राधा
तुझ बिन मोहन आधा आधा
नन्द नंदन प्राण अधार
मिलादो ठाकुरसे एक बार
कृपा करो भानुढुलारी
श्री राधे बरसाने वाऱी
मेरी करुणामई सरकार मिलादो ठाकुर से एक बार. ..

मेरी करुणामई सरकार मिलादो ठाकुर से एक बार
कृपा करो भानुढुलारी
श्री राधे बरसाने वाऱी

करुणामई किरपामाई मेरी दयामई
करुणामई किरपामाई मेरी दयामई राधे...
करुणामई किरपामाई मेरी दयामई राधे...
राधा राधा राधा राधा राधा
राधा राधा राधा राधा राधा
जय जय राधा श्री राधा श्री राधा राधा
बिन राधा राधा के मोहन है आधा आधा
जय जय राधा श्री राधा श्री राधा राधा
जय जय राधा श्री राधा श्री राधा राधा
जय जय राधा श्री राधा श्री राधा राधा
जय जय राधा श्री राधा श्री राधा राधा
राधा राधा राधा राधा राधा
राधा राधा राधा राधा राधा

एक नज़र कृपा की करदो लाडली
एक नज़र कृपा की करदो लाडली श्री राधे
श्री राधे श्री राधे
श्री राधे श्री राधे
एक नज़र कृपा की करदो
लाडली श्री राधे
लाडली श्री राधे
एक नज़र कृपा की करदो
लाडली श्री राधे

भजो कीरत नंदिनी श्री श्यामा
भजो कीरत नंदिनी श्री श्यामा,
भजो कीरत नंदिनी श्री श्यामा
श्री श्यामा श्री श्यामा
श्री श्यामा श्री श्यामा
भजो कीरत नंदिनी श्री श्यामा,
भजो कीरत नंदिनी श्री श्यामा

भानु बाबा की अति ही लाडली,
भानु बाबा की अति ही लाडली।
हो भानु बाबा की अति ही लाडली,
भानु बाबा की अति ही लाडली,
लाड लड़ावे मैया श्रीदामा
भजो कीरत नंदिनी श्री श्यामा॥

ललिता विशाखा की प्राण जीवन,धन
ललिता विशाखा की प्राण जीवन धन।
हे ललिता विशाखा के प्राण जीवन,धन
ललिता विशाखा के प्राण जीवन,धन
मोहन गावे जिनके गुण गाना
भजो कीरत नंदिनी श्री श्यामा॥

वंशी अली की आस किशोरी,
वंशी अली की आस किशोरी।
हाँ वंशी अली की आस किशोरी,
वंशी अली की आस किशोरी,
बरसाना जिनका निज धामा,
भजो कीरत नंदिनी श्री श्यामा॥

सुन बरसाने वारी गुलाम तेरो बनवारी।
सुन बरसाने वारी गुलाम तेरो बनवारी।
सुन बरसाने वारी गुलाम तेरो बनवारी॥
गुलाम तेरो बनवारी गुलाम तेरो बनवारी,
सुन बरसाने वारी गुलाम तेरो बनवारी॥

तेरी पायलिया पे बाजे मुरलिया,
तेरी पायलिया पे बाजे मुरलिया।
छमम छमम नाचे गिरधारी गुलाम तेरो बनवारी,
सुन बरसाने वारी गुलाम तेरो बनवारी॥

बड़ी-बड़ी अखियन में झीनो-झीनो कजरा,
बड़ी-बड़ी अखियन में झीनो-झीनो कजरा।
लट लटके घुघराली गुलाम तेरो बनवारी,
सुन बरसाने वारी गुलाम तेरो बनवारी॥

कदम की डारी पे झूला पड़ो है,
कदम की डारी पे झूला पड़ो है।
झोंटा देवे बिहारी गुलाम तेरो बनवारी,
सुन बरसाने वाली गुलाम तेरो बनवारी॥
गुलाम तेरो बनवारी गुलाम तेरो बनवारी,
सुन बरसाने वारी गुलाम तेरो बनवारी॥

श्यामा प्यारी भानु दुलारी

श्यामा प्यारी भानु दुलारी
सुनलो मेरी पुकार
में ब्रज तज के बैकुंठ ना जाऊं
पड़ी रहूं तेरे द्वार
कभी तेरा नाम ना भूलूं
कभी राधा नाम ना भूलूं

जय जय राधा ललिता वंशी श्याम

जय जय राधा ललिता वंशी श्याम
जय जय श्री वृन्दावन निज सुखधाम )(18)

ह्रदय आनंद भर बोलो बधाई है बधाई है

ह्रदय आनंद भर बोलो बधाई है बधाई है
हमारे भाग्य है जागे श्री राधा प्रगति जाई है
हमारे भाग्य है जागे जो लली घर में आई है

धन्य वृषभानुपुर सुंदर धन्य वृषभानु नृप मंदिर
धन्य वह कक्ष मंगल कर अजन्मा जहाँ पे जाई है
ह्रदय आनंद भर बोलो बधाई है बधाई है

काम की कालीमा हर कर प्रेम की छवि प्रकाशित कर
रससुधा से विषय विष हर प्रेम की बाढ़ छाई है
ह्रदय आनंद भर बोलो बधाई है बधाई है

खोल कर नेह के झरने सुखी निज श्याम को करने
ह्रदय आनंद से भरने स्वयं श्यामा जू आई है
ह्रदय आनंद भर बोलो बधाई है बधाई है

ह्रदय है ये कन्हैया की प्राण है ये कन्हैया की
आत्मा ये कन्हैया की सुधा बरसाती आई है
ह्रदय आनंद भर बोलो बधाई है बधाई है

एक ही दो बने हैँ जो दो रहकर एक ही हैँ सों
रासस्वादन करने को ये रस की सरिता आई है
ह्रदय आनंद भर बोलो बधाई है बधाई है

बधाई हो बधाई हो
अरे लाली की बधाई हो (2)
अरे मैया को बधाई हो (2)
और बाबा को बधाई हो (2)
सब सखिन को बधाई हो (2)
बधाई हो बधाई हो (4)

छंद -प्रगति श्री राधा

प्रगटी श्री राधा रूप अगाधा सब सुख साधा नावे,
मुनि प्रेम अगाधा में तन बाधा लख रहीं सोटी लजावे।
ब्रज घर-घर माई बंटे बधाई, सब मिल मंगल गाई,
कीरत बड़भागी अति सुख पागी, पुरजन करत बड़ाई।

सुर नर मुनि हरसे सुमन ही बरसे, चढ़े विमाना आये
चित्र से ठाड़े लख सुर बाड़े, बाजे विविध बजावे।
नारद सनकादिक शिव ब्रह्मादिक भृगु आदिक मुनि जेते,
इन्द्रादिक जे जहां सुकर ते कहा आए सजन सवेते

शिव मिलकर जोरे करत निहोरे,
जय जय भानु दुलारी, जय कीर्ति कुमारी, जय हरि प्यारी,
जय जय सुखदातारी, जय नित्य किशोरी, प्रिय चित चोरी,
यह विनती सुन लीजे, ब्रजवास ही दीजे, ब्रज रस पीवे,
चरण शरण गह लीजे।

कर जोर मनाऊं, यह वर पाऊं, दंपति यश नित गाऊं,
पद कमल सुतोरा मधु मुष मोरा, मन नित जहां बसाऊं।
एहि भांति सकल सुर स्तुति करके, निश निश धाम सिधारे,
नंदाद आए अति हरसाए, सब मिल कंठ लगाए।

सब ही जन गावे, सब ही बजावे, सब ही दहिले भाजे,
बरसाने आए विधि न सहाए, जय जयकार करावे।
जय जयकार करावे, जय जयकार करावे,

चलो वृषभानु गोप के द्वार
चलो वृषभानु गोप के द्वार भई फिर पुरन मासी है
पूरन मासी है भाई जग की सुखराशि
चलो वृषभानु गोप के द्वार भई फिर पुरन मासी है

भूलियो ना राधे चाहे, भूलियो ना श्यामा चाहे, मैं भूल जाऊं...

भूलियो ना राधे चाहे, भूलियो ना श्यामा चाहे, मैं भूल जाऊं...
भूलियो ना श्यामा चाहे, मैं भूल जाऊं।
रूठियो ना राधे चाहे, मैं रूठ जाऊं...
रूठियो ना श्यामा चाहे, मैं रूठ जाऊं।

[अंतरा 1]
मोहे तो भरोसो एक तेरो ही किशोरी राधे,
मोहे तो भरोसो एक तेरो ही किशोरी राधे।
तेरो द्वार छोड़ अब और कहाँ जाऊं,
तेरो द्वार छोड़ अब और कहाँ जाऊं...
भूलियो ना श्यामा चाहे, मैं भूल जाऊं।

[अंतरा 2]
नाथ तू अनाथन की, अनाथ कौन मोसो राधे,
नाथ तू अनाथन की, अनाथ कौन मोसो राधे।
मोहे अपनाओ तो मैं कौन को सराहूँ,
मोहे अपनाओ तो मैं कौन को सराहूँ...
रूठियो ना श्यामा चाहे, मैं रूठ जाऊं।

[अंतरा 3]
सुनो करुणा की सिंधु, दया सिंधु, कृपा सिंधु,
सुनो करुणा की सिंधु, दया सिंधु, कृपा सिंधु।
कृपा बिंदु पाऊं तो मैं और कहाँ पाऊं,
कृपा बिंदु पाऊं तो मैं और कहाँ पाऊं...
भूलियो ना राधे चाहे, मैं भूल जाऊं।

[अंतरा 4]
मांगू तो सो तोही को, मैं और कहाँ मांगू,
मांगू तो सो तोही को, मैं और कहाँ मांगू।
जिनकी तू उनकी मैं पद रज पाऊं,
जिनकी तू उनकी मैं पद रज पाऊं...
भूलियो ना राधे चाहे, मैं भूल जाऊं।

[समापन]
रूठियो ना श्यामा चाहे, मैं रूठ जाऊं,
भूलियो ना राधे चाहे, मैं भूल जाऊं...
हाँ... मैं भूल जाऊं।

श्यामा जू को राज हमारे माई श्यामा जो को राज
प्यारी जू को राज हमारे माई प्यारी जू को राज

हे श्यामा जू चरणों में बस एक प्रार्थना है

चरणन की रज पाऊं किशोरी, चरणन की रज पाऊं।
चरणन की रज पाऊं स्वामिनी, चरणन की रज पाऊं।
बैठी रहूं कुंजन के कोना श्याम राधिका गाउँ किशोरी

जा रज शिव संकादिक याचत सो रज शीश लगाऊं किशोरी
बैठी रहूं कुंजन के कोना श्याम राधिका गाउँ किशोरी
चरणन की रज पाऊं किशोरी, चरणन की रज पाऊं।

व्यास स्वामिनी की छवि निरखत निरख निरख यश गाउँ किशोरी जी
बैठी रहूं कुंजन के कोना श्याम राधिका गाउँ किशोरी
चरणन की रज पाऊं किशोरी, चरणन की रज पाऊं।