पद राम

24. अवध बिहारी राम हे

Avadh Bihari Raam He

अक्षर का आकार

श्री अवध विहारी राम हे
राघव तुम हो जीवन प्राण हे॥
अवध बिहारी राम हे॥

कांधे धनुष को धारते
भांजन असुर निकाय
मंद मधुर मुस्कान पे
हम सब बली बली जाए हे
अवध बिहारी राम हे

सेवक जन शरणागती
निज कर अभय सुनाय
करुणा सिंधु आप हो
दास तो कीर्ति गाय
अवध बिहारी राम हे

कनक भवन क्रीडा करे
सुखनिधि सीता-पाल
हम हरि शरण मैं आपके
तुम रक्षक दीन दयाल हे
अवध बिहारी राम हे

  • अवध बिहारी
  • कनक भवन