भजन

10. ब्रज में है रही जयजयकार

Braj mein hai rahi jai jaikaar

अक्षर का आकार

ब्रज में हे रहि जय जयकार
नंद घर लाला जायो है
ग्वाल बाल सब रलमिल गावें
यूथ के यूथ नन्द घर आवें
ब्रह्मानन्द समान आज सुख सबने पायो है
ब्रज में हे रहि जय जयकार...

ब्रज चौरासी कोस में भैया
सब कहें धन्य यशोदा मैया
अस्सी साल की आयु में सुत ऐसा जायो है
ब्रज में हे रहि जय जयकार

ब्रह्मा शिव सनकादि आये
सिद्ध मुनि सब देव सिधाये
धर ग्वालन को रूप सबन मिल मंगल गायो है
ब्रज में हे रहि जय जयकार

नन्द यशोदा भाग्य बड़ाई
सब ही देने लगे बधाई
ऐसो अद्भुत लाला मैया तेने जायो है
ब्रज में हे रहि जय जयकार