पद

22. धनु गोपाल जी को ध्याइये

Dhanu gopal ji ko dhyaiye

अक्षर का आकार

धनु गोपाल जी को ध्याइये
अंतर मन में प्रगताइये
धनु गोपाल जी को ध्याइये (2)

इनको नाम लेत निस वसार
भव सागर तारीजाइये
धनु गोपाल जी को ध्याइये

नित्य नवीन प्रवीण ये लागे
श्री नाथ जी दरश कराइये
धनु गोपाल जी को ध्याइये

इनके चरण कमल पर वाऱी
आठों याम बिताइये
धनु गोपाल जी को ध्याइये

जब ये हिय में आन विराजे
चहुँ दिसी गिरधर पाइये
धनु गोपाल जी को ध्याइये

मन के स्वर से हरी बुलाऊँ
असुन धार बाहइये
धनु गोपाल जी को ध्याइये

इनके दरश प्रकट गिरधर हैं
अंतर हिय सुख पाइये
धनु गोपाल जी को ध्याइये

जानकीशरण चरण शरण हैं
दास जनन अपनाइये
धनु गोपाल जी को ध्याइये