7. चंद्रचूड़ शिव शंकर पार्वती
Chandrachud Shiv Shankar Parvati
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चंद्रचूड़ शिव शंकर पार्वती।
रमण निनगे नमो नमो॥
चंद्रचूड़ शिव शंकर पार्वती।
रमण निनगे नमो नमो॥
सुंदरतर पिनाक धरहर।
सुंदरतर पिनाक धरहर।
गंगाधर गज चर्मांबरधर।
गंगाधर गज चर्मांबरधर॥
कोरललि भस्म रुद्राक्षव धरिसिदा।
परम वैष्णवनु नीने॥
गरुड़ गमन नम्म पुरंदर विठ्ठलना।
प्राण प्रियनु नीने॥