भजन राघव

1. राघव अवधबिहारी तुझ बिन कौन मेरा

Raghav Avadhbihari Tujh Bin Kaun Mera

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राघव अवधबिहारी तुझ बिन कौन मेरा
सिया पति सुखकारी तुझ बिन कौन मेरा

राघव जी प्राणो से प्यारे
दशरथ नंदन राजदुलारे
दर्शन दो धनुधारी तुझ बिन कौन मेरा
राघव अवधबिहारी तुझ बिन कौन मेरा
सिया पति सुखकारी तुझ बिन कौन मेरा

देवी अहिल्या आप उबारे
खर दूषण सब असुर संघहारे
हे रघुनाथ रघुनाथ रघुनाथ
देवी अहिल्या आप उबारे
खर दूषण सब असुर संघहारे
करो कृपा हितकारी तुझ बिन कौन मेरा

जगत सृष्टि मैं कछु नहीं जानु
तुम सों प्रेम का नाता मानू
छवि पर मैं बलिहारी तुझ बिन कौन मेरा
राघव अवधबिहारी तुझ बिन कौन मेरा
सिया पति सुखकारी तुझ बिन कौन मेरा

जानकीशरण चरण रज पाए
राग रागिनी से यश गाए
चरण कमल पे वाऱी तुझ बिन कौन मेरा
राघव अवधबिहारी तुझ बिन कौन मेरा
सिया पति सुखकारी तुझ बिन कौन मेरा

हे राम मेरे राम
हे राम मेरे राम

सारंग धरण प्रभु तुम्हरी शरण
सारंग धरण प्रभु तुम्हरी शरण
हे दशरथ नंदन तुम्हरी शरण
सारंग धरण प्रभु तुम्हरी शरण
अब द्वार खड़ा राखो चरण शरण

जय घोष

श्री नागधर अद्वैत हरी
श्री कौतुक रघुनाथ
श्री रघु कुंज नाथ
श्री धनु गोपाल लाल की जय

श्री अद्वैत राघव श्रीनाथाय नमः

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