भजन राघव

8. ठाकुर हमरे अवध बिहारी

Thakur Hamre Avadh Bihari

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ठाकुर हमरे अवध बिहारी
हम हैं अवध बिहारी के

सारंग धारी हे सितापति
करो कृपा दुःखियारी पे

प्राण नाथ हे जगदाधारी
आये शरण तिहारी हे

जानकी टेर अरज सुन लीजो
भव सों पार उतारी हे

जय जय राम कृष्ण हरी
जय जय राम कृष्ण हरी

Composed by - जानकीशरण महाराज श्री

  • शरणागति
  • सारंगधारी
  • सीतापति