पद राघव

18. चरण कमल पर वारी राघव

Charan Kamal Par Vaari Raghav

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चरण कमल पर वाऱी राघव
चरण कमल पर वाऱी

करुणा सिंधु परम हितकारी
दुख भंजन भव तारी राघव
चरण कमल पर वाऱी राघव

इष्ट तुम्ही मेरे मित्र तुम्ही हो
तन मन धन बलि हारी राघव
चरण कमल पर वाऱी राघव

भव सागर में नाव फँसी है
पार करो अब बारी राघव
चरण कमल पर वारी राघव

दास खड़ा है द्वार तिहारे
सुन लो अरज हमारी राघव
चरण कमल पर वारी राघव

  • शरणागति
  • चरण कमल