भजन सीता-राम

4. सब देव चले महादेव चले

Sab Dev Chale Mahadev Chale

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सब देव चले महादेव चले है लै फूलन के हार रे
आओ राघव संवरिया
हरे राम हरे
सिया राम हरे पधारो सिया के संवरिया

राघव आओ सिया जू को लाओ लछिमन भी संग लाना
भरत शत्रुघ्न संग में आएँ हनुमंत भी ले आना
सब हर्षि रहे मेघ बरसी रहे अमृत की सरस फुहार रे
आओ राघव संवरिया

सब दूषन मारो भगत उबारो तारो कोटि मुनिन संता
सब सृष्टि संवारो जग बिस्तारो पूजत जाहि श्री मंता
संतन हित लागि जन अनुरागी जा को पायो नहीं अंता
जिन जन हितकारन असुर विदारन भयो प्रगट श्री भगवंता

रामकथा सुंदर कर तारी संसय बिहग उड़ावनिहारी
हरी अनंत हरी कथा अनंता कहहि सुनहि बहु विधि सब संता

हम रामजी के रामजी हमारे हैं
राघव जानकी जी को बड़े प्यारे हैं
राम सिया राम सिया राम जय जय राम
राम सिया राम सिया राम जय जय राम

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