पद

23. अद्वैत राघव हरी श्रीनाथ

Adwait raghav hari shrinath

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अद्वैत राघव हरी श्रीनाथ
या छवि पे बलिहारी मैं जाऊं
कृपा करो मेरे नाथ
अद्वैत राघव हरी श्री श्रीनाथ

याके अधीन ये सृष्टि सारी
दयामई रघुनाथ
अद्वैत राघव हरी श्रीनाथ

धनु गोपाल लाल मेरे प्यारे
दर्शन दो हे नाथ
अद्वैत राघव हरी श्रीनाथ

रघु कुंज नाथ प्राण धन मेरे
पकड़ो हरी जू हाँथ
अद्वैत राघव हरी श्रीनाथ

कौतुक करते लागत प्यारे
हे कौतुक रघुनाथ
अद्वैत राघव हरी श्रीनाथ

राग रागिनी से यश गाये
रघुकुल यदुकुल नाथ
अद्वैत राघव हरी श्रीनाथ