भजन

13. भजो रे मन गोविन्द गोपाला संकीर्तन

Bhajo re mn govind gopala sankirtan

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भजो रे मन गोविन्द गोपाला

भजो रे मन गोविंद गोपाला
[स्थाई]
भजो रे मन गोविंद गोपाला
भजो रे मन गोविंद गोपाला
गाओ रे मन गोविंद गोपाला
ओ रे मन गोविंद गोपाला
[अंतरा 1]
नाम हरि का है सुख कारी
नाम हरि का है सुख कारी
पाप कटेंगे क्षण में भारी
पाप कटेंगे क्षण में भारी
हरि नाम का सुमिरन कर ले
हरि नाम का सुमिरन कर ले
हो जाए भव पार
भजो रे मन गोविंद गोपाला
गाओ रे मन गोविंद गोपाला
[अंतरा 2]
सबरी अहिल्या सदन कसाई
सबरी अहिल्या सदन कसाई
नाम जपन से मुक्ति पाई
नाम जपन से मुक्ति पाई
मैं भी आया द्वार तिहारे
मैं भी आया द्वार तुम्हारे
कर दो बेड़ा पार
भजो रे मन गोविंद गोपाला
गाओ रे मन गोविंद गोपाला
[मतरा 3]
हरि बिन बीत उम्र ये सारी
हरि बिन बीत उम्र ये सारी
फिर आवेगी काल की बारी
फिर आवेगी काल की बारी
अब तो भज ले मूढ़ मना
अब तो भजले मूढ़ मना
अंत समय पछताएगा
भजो रे मन गोविंद गोपाला
गाओ रे मन गोविंद गोपाला
गोविंद गोपाला, गोविंद गोपाला...