14. राह तकूँ मैं राम नैना नीर झरे
Raah takun mein ram naina neer jhare
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राह तकूँ मैं राम नैना नीर झरे
राह तकूँ मैं राम नैना नीर झरे
राह तकूँ मैं राम नैना नीर झरे
मन नहीं पावे चैन नैना नीर झरे
सकल जगत मैं मन नहीं लागे
मन बस राम नाम हि गावे
राम नाम सुखधाम नैना नीर झरे
राह तकूँ मैं राम नैना नीर झरे
अवध बिहारी हे रघुराई
चरण कमल पर सुध बिसराई
दर्शन दो मेरे राम नैना नीर झरे
राह तकूँ मैं राम नैना नीर झरे
हे राघव जू शरण मैं लीजो
जानकीशरण अरज सुन लीजो
मन मैं बसे सिया राम नैना नीर झरे
राह तकूँ मैं राम नैना नीर झरे
मन नहीं पावे चैन नैना नीर झरे
रचनाकार -जानकीशरण महाराज जी